14
Oct
फैलोपियन ट्यूब टेस्ट (Fallopian Tube Test)
फैलोपियन ट्यूब टेस्ट क्या है?
फैलोपियन ट्यूब टेस्ट महिलाओं में गर्भधारण से जुड़ी समस्याओं की जाँच के लिए किया जाता है। फैलोपियन ट्यूब वे नलिकाएँ हैं, जिनके माध्यम से अंडाशय से निकला अंडा गर्भाशय तक पहुँचता है। यदि ये नलिकाएँ बंद हों, तो प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करने में परेशानी हो सकती है।
फैलोपियन ट्यूब टेस्ट क्यों किया जाता है?
- गर्भधारण में देरी या परेशानी का कारण जानने के लिए।
- फैलोपियन ट्यूब खुली हैं या बंद, इसकी जाँच करने के लिए।
- ट्यूब में रुकावट या अन्य असामान्यताओं का पता लगाने के लिए।
- बांझपन (Infertility) की जाँच में सहायता के लिए।
फैलोपियन ट्यूब की जाँच कैसे होती है?
- HSG टेस्ट (Hysterosalpingography): इसमें एक्स-रे और विशेष डाई की मदद से गर्भाशय तथा फैलोपियन ट्यूब की स्थिति देखी जाती है।
- HyCoSy टेस्ट: अल्ट्रासाउंड की सहायता से गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब की जाँच की जाती है।
- लैप्रोस्कोपी: कुछ विशेष परिस्थितियों में डॉक्टर कैमरे की सहायता से पेट के अंदर देखकर ट्यूब की स्थिति की जाँच कर सकते हैं।
टेस्ट कब करवाना चाहिए?
यह टेस्ट आमतौर पर मासिक धर्म समाप्त होने के बाद और अंडोत्सर्ग (Ovulation) से पहले किया जाता है। सही समय का निर्धारण स्त्री रोग विशेषज्ञ करते हैं।
क्या फैलोपियन ट्यूब टेस्ट में दर्द होता है?
HSG या HyCoSy टेस्ट के दौरान कुछ महिलाओं को मासिक धर्म जैसी ऐंठन या हल्की असुविधा हो सकती है। दर्द का स्तर हर महिला में अलग हो सकता है।
